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कुलाधिपति सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र की गिरफ्तारी भी हो चुकी है.सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)
पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।
यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
यह पूरे विश्व में लोगों के लिए नुकसान देने वाला हो सकता है. भगवती की विदाई मुर्गे पर होगी, जो भी अच्छा नहीं माना जाता. यह लड़ाई और डर पैदा करने वाला संकेत देता है.
इस दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं पूजा विधि क्या है, जानते हैं सब डिटेल में.
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे read more महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
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गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।
मंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान चुनें।